सालासर (राजस्थानलिंक.काॅम) - ग्राम गुडावड़ी मे शिव मंदिर बाबा गुमानदास बगीची मे चल रही सात दिवसीय शिवपुराण कथा के पांचवे दिन गुरूवार को कथावाचिका साध्वी उमा भारती ने ने शिव बारात और विवाह का प्रंसग सुनाया। कथा में हिमालय राजा और मैना देवी द्वारा माता पार्वती के जन्म, शिव तपस्या, और शिव-पार्वती के विवाह का मार्मिक वर्णन और गृहस्थ आश्रम का संदेश दिया गया।
कथावािचका ने कहा कि भगवान शंकर वैराग्य के देवता हैं, परंतु शिव-विवाह के माध्यम से उन्होंने संसार को यह शिक्षा दी कि गृहस्थ आश्रम में रहकर भी वैराग्य और योग धर्म का पालन किया जा सकता हैं। और सामंजस्य जीवन में संतुलन बनाए रखने का संदेश बताया ।
कथावाचिका ने शिव पुराण के पाठ के लाभ के माध्यम से बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसका पाठ करने से भक्तों के पाप धुल जाते हैं, भय से मुक्ति मिलती है और भोग-मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके प्रभाव से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। कथा में शिवशंकर स्वामी, रामेश्वर राव, कुम्भराम ढुकिया, ओंकारमल, जीवणराम, बाबूलाल राव सहित सैकड़ो महिला व श्रोता उपस्थित रहे।
.jpg)