रतनगढ (राजस्थानलिंक.काॅम) - ग्रामीण किसान छात्रावास में देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के मसीहा चैधरी चरणसिंह की जयंती श्रद्धा, सादगी और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। चैधरी चरणसिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। समारोह की अध्यक्षता सुल्तान सिंह भींचर ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने चैधरी चरणसिंह के जीवन संघर्ष, किसान हितैषी नीतियों और सिद्धांतवादी राजनीति पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुकन्दाराम नेहरा ने कहा कि चैधरी चरणसिंह ने भारतीय राजनीति को गांव, किसान और खेत तक पहुंचाया। मोहम्मद अनवर कुरेशी ने उन्हें ईमानदारी और सादगी की राजनीति का प्रतीक बताया। फकीर चन्द दानोदिया ने कहा कि चैधरी चरणसिंह का संपूर्ण जीवन शोषित, वंचित और किसान वर्ग के अधिकारों के लिए समर्पित रहा। विकास गोदारा ने कहा कि उनकी नीतियाँ आज भी ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की राह दिखाती हैं। भागीरथ मल खीचड़ ने चैधरी चरणसिंह को आत्मनिर्भर ग्राम व्यवस्था का शिल्पकार बताया।
सुल्तान सिंह भींचर ने कहा कि चैधरी चरणसिंह केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि किसान स्वाभिमान की जीवंत विचारधारा थे। उनके आदर्श आज भी युवाओं और समाज को सही दिशा देने में सक्षम हैं। कार्यक्रम में नानूराम बिरडा, खींवाराम ख्यालिया, रामेश्वरलाल डूडी, गोविंदराम ढाका, सज्जन कुमार बाटड़, सोहनराम बेनीवाल, रुलानिया, केशरदेव, फूलचंद मील एवं भंवरलाल डूडी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सोहनलाल चबरवाल ने किया। कार्यक्रम में चैधरी चरणसिंह के विचारों को आत्मसात कर किसान, ग्रामीण समाज और सामाजिक न्याय के लिए संघर्षरत रहने का संकल्प लिया गया।