रतनगढ़ (राजस्थानलिंक.काॅम) - बीकानेर से निमराना जाने वाली सौर ऊर्जा ट्रांसमिशन लाइन से प्रभावित किसानों को भूमि, फसल व अन्य नुकसानों के बदले दिए जा रहे मुआवजे में अनियमितताओं के मामले सामने आए थे। कंपनी द्वारा भूमि मापन, फसल मूल्यांकन, पेड़ो की गिनती एवं कॉरिडोर नाप में गड़बड़ी कर किसानों को नियमानुसार कम भुगतान किया जा रहा था। गोरीसर क्षेत्र के किसान कानाराम अत्यधिक दबाव में आकर सौर ऊर्जा पोल पर चढ गए, जिन्हें रतनगढ प्रशासन की तत्परता से सुरक्षित उतारकर न्याय का आश्वासन दिया गया।
अखिल भारतीय किसान सभा जिला चूरू के उपाध्यक्ष मदन जाखड ने इन अनियमितताओं को उजागर करते हुए रतनगढ किसान सभा के पदाधिकारियों ओमप्रकाश तालनिया एवं मनीष जाखड के साथ मिलकर एसडीएम रतनगढ को मौके पर बुलाकर सुधार करवाया। एसडीएम रतनगढ के निर्देशन में कंपनी, किसान सभा एवं किसानों के बीच बैठक हुई, जिसमें कंपनी ने अपनी त्रुटियां स्वीकार कर नियमानुसार संपूर्ण मुआवजा आगामी 10 दिनों में किसानों के खातों में जमा करने पर सहमति दी। इससे पूर्व गोरीसर में किसानों की बैठक में दिए गए आश्वासन को अमल में लेकर एसडीएम रतनगढ ने किसान हितैषी प्रशासनिक उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसके लिए किसान सभा एवं किसानों ने उनका आभार व्यक्त किया।