रतनगढ़ में शिक्षक संघ शेखावत का अधिवेशन सम्पन्न, शिक्षा बचाने व शिक्षक अधिकारों पर संघर्ष का ऐलान

रतनगढ (राजस्थानलिंक.काॅम) - राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) उपशाखा रतनगढ़ का वार्षिक अधिवेशन एवं कार्यकारिणी चुनाव रविवार को शिक्षक भवन में सम्पन्न हुआ। अधिवेशन में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में शिक्षकों की भागीदारी रही, जिससे संगठन की मजबूत एकजुटता देखने को मिली। अधिवेशन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर लगातार हमले हो रहे हैं। निजीकरण, संसाधनों की कमी और बढ़ते गैर-शैक्षणिक कार्यों के चलते शिक्षकों पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में शिक्षकों का संगठित रहना और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।पर्यवेक्षक जिला मंत्री वेदपाल मलिक ने अपने उद्बोधन में संगठन की एकता को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि मजबूत संगठन ही सरकारों को जनहित में निर्णय लेने के लिए मजबूर कर सकता है। उन्होंने पारदर्शी व लोकतांत्रिक तरीके से सम्पन्न हुए चुनाव की सराहना की। निर्वाचन अधिकारी चैथमल चिनिया ओर सहायक निर्वाचन अधिकारी लालचंद मीणा ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं नियमों के अनुरूप सम्पन्न हुई। प्रांतीय पदाधिकारी गोपीचंद खीचड़, खींवाराम ख्यालिया ओर वरिष्ठ शिक्षक नेता बृजलाल खीचड़ ने अधिवेशन में शिक्षकों के अनुशासन एवं सक्रिय भागीदारी को सराहनीय बताया। मुख्य वक्ता किसान सभा के जिला संयुक्त मंत्री रामनारायण रुलानिया ओर किसान सभा के ब्लॉक अध्यक्ष भादर भामू ने अधिवेशन के दौरान शिक्षकों ने एकजुट होकर शिक्षा बचाने, शिक्षक हितों की रक्षा करने एवं संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा साझा संघर्ष का आह्वान किया। जिला कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र सीगड़,वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाबूलाल, शंकरलाल मीणा ओर सरस्वती मारू ने संबोधित किया। जिला प्रवक्ता महेंद्र शर्मा, जिला संयुक्त मंत्री अमरदीप,उपाध्यक्ष प्रकाश चैधरी, कार्यकारिणी सदस्य ओमप्रकाश ढाका भी मंचस्थ रहे। इस दौरान घोषित नई कार्यकारिणी में रामचन्द्र ऐचरा को सभाध्यक्ष, महेंद्र सिंह शेखावत को उपसभाध्यक्ष, भोजराज शर्मा को अध्यक्ष एवं बाबूलाल मुंदलिया को कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। शंकरलाल मीणा,सरस्वती मारू को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राज कुमार को उपाध्यक्ष (संगठन), राकेश खीचड़ एवं उम्मेद कुम्हार को उपाध्यक्ष,सुखराम बांगड़वा को उपाध्यक्ष मीडिया तथा मंजू डूडी को महिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।इसी क्रम में मुरलीधर अजमेरिया मंत्री,पन्नालाल जांघू को कोषाध्यक्ष,संयुक्त मंत्री शिवशंकर शर्मा, त्रिलोकचंद मेघवाल,गोपीचंद धेतरवाल, संगठन मंत्री रामकिशन ज्यानी ,शिवभूषण, संजीव भामू, संयोजक संघर्ष समिति बजरंग लाल बिस्सू, सहसंयोजक सुनील शर्मा, धनराज भामी, इसके अलावा मुकेश सैनी को कार्यालय मंत्री तथा निर्मला जाट को महिला मंत्री बनाया गया। उच्च प्राथमिक प्रतिनिधि विकास पडगड ,उच्च माध्यमिक प्रतिनिधि मनफूल महला, महात्मा गांधी प्रतिनिधि नंदराम महला,मामराज मुहाल, महेंद्र जांगिड़, प्रबोधक प्रतिनिधि गोपीराम जाट,शारीरिक प्रतिनिधि विनोद गोदारा, कम्प्यूटर शिक्षक प्रतिनिधि अखिल गिल ,पैराटीचर प्रतिनिधि निहाल सिंह राठौड़ कार्यकारिणी सदस्य नांदलाल नाई, सुभाष, पूनमचंद पंवार, शिवकुमार डूडी,सहीराम खोथ को विभिन्न जिम्मेदारी देकर संगठन को सशक्त स्वरूप प्रदान किया गया। अंत में नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई और नारेबाजी के साथ अधिवेशन का समापन शिक्षा बचाने और शिक्षक हितों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ। संचालन प्रांतीय संयुक्त मंत्री शुभकरण नैण ने किया। 

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