सालासर (राजस्थानलिंक.काॅम) - कस्बे मे राजपूत समाज का दो दिवसीय राजनीतिक पुनरूत्थान शिविर का शनिवार को शुभारम्भ किया गया। शिविर मे समाज की राजनीजिक व सामाजिक हिस्सेदारी को मजबूत करने व युवाओं का राजनैतिक विकास सहित अनेक विषयो पर चर्चा की गई। शिविर मे शिविर संयोजक महावीर सिंह शेखावत झाझड़ सहित अनेक वक्ताओ ने सम्बोधन दिया। सम्बोधन मे समाज मे चल रही विसंगती व दुव्यर्वहार की स्थिति पर अपने अपने विचार प्रकट किए। शिविर संयोज महावीर सिंह शेखावत झाझड़ ने बताया कि सालासर बालाजी महाराज व जगदम्बा भवानी माता की आरती से कार्यक्रम की शुरूआत की गई। इस शिविर से राजपूत समाज को नया, उर्जावान, सहभागी सोच का नेतृत्व मिल गया। इस कार्यक्रम मे सात जिलो के 34 विधानसभा व 4 लोकसभा से समाज के सैकड़ो लोग एकत्रित हुए है। शिविर मे ईडब्ल्यूएस आरक्षण से जुड़ी विसंगतियो पर चर्चा, पंचायत व शहरी निकाय चुनाव मे आरक्षण लागू करने की मांग पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा समाज की राजनैतिक कमिया व साधारण राजपूत की भूमिका पर विचार विमर्श किए गये। इस शिविर मे साधारण राजपूत समाज के लोग एकत्रित हुए है। शिविर संयोजक ने यूजीएससी बिल का विरोध करने के बारे मे बालते हुए कहा कि इस बिला का प्रदेश मे राजपूत समजा के साथ साथ 36 कौम के लोग विरोध कर रहे है। अब हम चाहते है कि आगामी चुनावो मे इन 34 विधानसभा मे से 11 लोग राजपूत समाज के आए। इतिहास के बारे मे चर्चा करते हुए कहा कि महाराज शेखा व महाराणा प्रताप ने सभी धर्म के लोगो को साथ लेकर चले थें।
शिविर मे प्रथम चरण में राजपूत समाज की वर्तमान राजनैतिक कमजोरियों को सूचिबद्ध किया गया । दूसरे सैशन में ई डब्ल्यू एस आरक्षण की केन्द्र और राज्य सरकार के स्तर पर सभी विसंगतियों को दूर करने , ई डब्ल्यू एस आरक्षण को आगामी पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों में लागू करवाने की रणनीति तय की गई। सबसे पहले जून के महिने में प्रतिनिधिमंडल बनाकर राजस्थान के मुख्यमंत्री और भारत देश के रक्षा और गृहमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा। रणनीति के तहत शिविर संयोजक इंजीनियर महावीर सिंह शेखावत झाझड के नेतृत्व में आगामी तीन महिनों में 34 विधानसभा क्षेत्रों में अलग अलग प्रशिक्षण शिविर लगाना तय किया गया । इनके सफल आयोजन के बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय करी जाएगी। आवश्यकतानुसार जनजागरण अभियान चलाने हेतु सम्पूर्ण राजस्थान में जनजागरण अभियान चलाया जा सकता है । तदोपरांत हर विधानसभा क्षेत्र पर कम से कम 11 सदस्यीय कमेटी गठन किया जायेगा।
दूसरे चरण मे बताया कि चालीस वर्षों से राजपूत समाज का कोई सांसद नहीं हैं , वर्तमान में किसी भी राजनैतिक दल का कोई राजपूत जिलाध्यक्ष नहीं हैं , नगण्य संख्या में केवल दो विधायक हैं, पंचायत समिति, जिला परिषद, नगर निकायों में राजनैतिक दल नगण्य प्रतिनिधित्व दे रहे हैं । समाज राजनैतिक दलों की दमनकारी नीतियों के कारण हताशा से कहीं अधिक राजनैतिक शून्यता ( कौमा) में चला गया है । आर्थिक रूप से सरकार राजपूतों को कमजोर तो मानती है परन्तु उनको उचित राजनैतिक प्रतिनिधित्व देने पर कुछ सकारात्मक उपाय नहीं कर रही है।
शिविर मे राम सिंह पिपराली, उम्मेद सिंह करीरी, गजेन्द्र सिंह राजास, गौरीशंकर सिंह दिपुरा , जसवंत सिंह भाटी , महावीर सिंह जुलियासर, महावीर सिंह पार्वतीसर, जीवराज सिंह सालासर , मुकेश सिंह बोबासर , नाहर सिंह बिरकाली, दलपत सिंह गच्छीपुरा, श्रीपाल सिंह रसाल , शिवप्रताप सिंह इडवा, प्रदीप सिंह ढाढर, सुरेन्द्र सिंह सामी , विक्रम सिंह, राजदेव सिंह अजीतपुरा , गजराज सिंह तारानगर, विक्रम सिंह बिल्यू, पवन सिंह कुसुमदेसर, जीवराज सिंह देवराठी , दुर्गा सिंह लाडनूं, विनय सिंह मकराना, भूपेन्द्र सिंह राजलिया, शिवराज सिंह चैराडी, करण सिंह सांदरसर, जयराम सिंह डाबला , भवानी सिंह गोगावास, जितेन्द्र सिंह कुमास, शोभ सिंह अनोखू, प्रभू सिंह सेवद , विरेन्द्र सिंह मीठडी , श्रवण सिंह रोहणा सहित हजारों राजपूत सरदार उपस्थित रहे । मंच संचालन दशरथ सिंह, सुरजभान सिंह चैनपुरा, बिशन सिंह बावठडी ने किया ।
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