सालासर (राजस्थानलिंक.काॅम) - लक्षमणगढ रोड़ पर स्थित चमेली देवी अग्रवाल मांगलिक सभागार के पीछे अंजनी मताा मंदिर के पास अवधेशानन्द मिशन प्रभु प्रेमी संघ चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से सालासर धाम मे चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा के पांचवे दिन जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरी महाराज ने श्रीराम कथा के चैदह वर्षो के वनवास का प्रंसंग सुनाया। आयोजन समिति के महेन्द्र लोहारिया, सीमा प्रभु, किशोर काया, महामण्लेश्वर स्वामी नैसर्किका गिरी महाराज, ललितानन्द गिरी महाराज, अपूर्वानन्द गिरी महारज, राजराजेश्वरानन्द महाराज, सुरेश बेरिवाला, हनुमान सेवा समिति अध्यक्ष सत्यप्रकाश पुजारी, पूर्व अध्यक्ष यशोदानन्दन पुजारी, श्रीकिशन पुजारी, ज्योत्सना साऊद, देवेन्द्र गुप्ता ने पूजा की।
कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीराम लोक कल्याण के लिए वन मे चले गये थे। माता पिता के आर्शीवाद से भगवान श्रीराम के लिए वन ही अयोध्या बन गई थी। माता कौशल्य ने कहा कि मेरा राज जहां भी रहेगा वहा अयोध्या ही होगी। भगवान श्रीराम लोकहित के लिए है। जो पुत्र अपने माता पिता की आज्ञा करने वाला होता वह बहुत ही भाग्यशाली होता हैं जिनके पास माँ होती है वह पुत्र भाग्यवान होता है। माँ कभी भी अपने पुत्र का अमंगल नही कर सकती माँ हमेशा पुत्र का मंगल ही करती है।
महाराज ने भगवान श्रीराम के राजश्री वस्त्रो के त्याग का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान राम ने वनवास जाते समय जो वस्त्र पहने थे वो लाल वस्त्र माता कैकेयी ने दिये थे। भगवान श्रीराम के प्रति मोह ही सत्य है वनवास के मार्मिक वर्णन को सुनकर उपस्थित श्रोताओ की आंखे नम हो गई।
महाराज ने स्वयं के बारे मे बताते हुए कहा कि हमव न मे साधू व सन्यासी के रूप मे गये है लेकिन भगवान श्रीराम की तरह नही गये। आयोजन समिति ने बताया कि 29 मार्च 2026 को दिल्ली के जवाहर लाल स्टेडियम मे महाराज के सान्निधय मे 51 लड़कियो का सामूहिक विवाह सम्मेलन का कार्य अवधेशानन्द मिशन प्रभु प्रेमी संघ चेरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा किया जायेगा।
इस दौरान धर्मवीर पुजारी, मिठनलाल पुजारी, विमल पुजारी, विश्वनाथ पुजारी, सतगुरू पुजारी, मनोज शर्मा, राकेश पुजारी, अरविन्द पुजारी, हरिश पुजारी गोकुल पुजारी सहित हजारो श्रोता उपस्थित रहे।