सालासर (राजस्थानलिंक.काॅम) - लक्षमणगढ रोड़ पर स्थित चमेली देवी अग्रवाल मांगलिक सभागार के पीछे अंजनी मताा मंदिर के पास अवधेशानन्द मिशन प्रभु प्रेमी संघ चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से सालासर धाम मे चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा के छठे दिन जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरी महाराज ने श्रीराम कथा के अनेक प्रसंग सुनाए। आयोजन समिति के महेन्द्र लोहारिया, सुशील बेरिवाला, सीमा प्रभु, मिठनलाल पुजारी, भीकमचंद पुजारी, शुषमा ने पूजा अर्चना की। महाराज ने कहा कि जिस प्रकार वृक्ष के फल, नदी का जल दूसरे जीवो के लिए काम आता है उसी प्रकार साधुओ की विद्या व तप दूसरो के लिए ही होती है। परोपकार व तप इन दोनो बातो को सिखाने वाला संत होता है। महाराज ने दिशाओ के बारे मे विस्तार से बताया और कहा कि पूर्व व दक्षिण कोण की दिशा अग्नि कोण के लिए सर्वश्रेष्ठ होती है। वाल्मीकि के दारा रचित रामचरितमानस के अनुसार भगवान हर जगह विराजमान है। सभी दिशाओ मे भगवान का वास होता है। भगवान ने कहा कि भक्तो की भक्ति ने मुझे भगवान बनाया है।
महाराज ने कहा कि मनुष्य का विवेक, प्रवृति, रूचि व अच्छे विचार ही मनुष्य को सद्बुद्धिवान व्यक्ति बनाता है। आपके जीवन मे सबसे बड़ी बाधा तो आपका अज्ञान होता है। वर्तमान समय मे हर गल्ली चैराहे पर निन्दा की आहूती दी जाती है।
वाल्मीकी के अनुसार भाई भाई का प्रेम कुशलता होता है। राम और भरत दोनो एक जैसे ही थे उनमे कोई अंतर नही था इनकी भाषा और व्यवहार दोनो का समान बताया गया है। भरत जब अयोध्या आए तो देखा कि अयोध्यावासी बहुत शांत व सरल स्वभाव के लोग है। भगवान राम का आश्रय भरत को माना गया है। भगवान हमारे ह्नदय मे विराजमान होता है।
महाराज ने कहा कि जीवन की समस्त समस्याओ का निवारण हमेशा पादूका मंत्र से दूर किया जा सकता है। भरत अपने गुरू के आदेश से 14 वर्षो तक किसी का भी मुख नही देखा। भरत ने 14 वर्ष तक गौ मूत्र के आर्शीवाद से जीवनयापन किया। अपनो से बड़ो की आज्ञा व मर्यादा का पालन ही हमारे देवता हमसे करवाते है। महाराज ने कहा कि अग्नि कभी भी यह नही देखती कि आप कौन है। वह अपनी झलनशीलता व तप से सबकुछ नाश कर देती है। जिसकी जीभ पर राम शब्द आ जाता है। वह अमर रस है। राम ईश्वर है, राम परमात्मा है, राम परम सत्य है। राम से ही धर्म व धरा है।
इस दौरान श्रीकिशन पुजारी, राकेश पुजारी, विमल पुजारी, सतगुरू पुजारी, हरिश पुजारी, हितेश पुजारी, हेमेन्द्र पारीक सहित हजारो श्रोता उपस्थित रहे।