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ज्योति पुजारी को काशी हिन्दी विद्यापीठ अवार्ड से किया सम्मानित।

सालासर (राजस्थानलिंक.काॅम) - जसवन्तगढ के मोहरीदेवी तापड़िया वेद विद्यालय मे दो दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिष शोध संगोष्ठी का जनता और ज्योतिष के हुए कार्यक्रम के सालासर के गुरूधाम की माता ज्योति पुजारी पत्नि डाॅ. नरोतम पुजारी को काशी हिन्दी विद्यापीठ अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति मदनमोहन झां, डाॅ. हेमन्त कृष्ण मिश्र, डाॅ. सत्यनारायण शर्मा, पण्डित चन्द्रशेखर जयपुर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। डाॅ. नरोतम पुजारी ने बताया कि ज्योति पुजारी ने सुदीर्घ हिन्दी सेवा, सारस्वत साधना, कला के क्षेत्र मे महत्वपूर्ण उपलब्धियां, सेवाकार्य, राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा के आधार पर विद्या वाचस्पति का कार्य करने पर काशी हिन्दी विद्यापीठ अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
डॉ. नरोत्तम पुजारी ने कहा कि वर्तमान में ज्योतिष का प्रयोग अंधविश्वास के बजाय 'मार्गदर्शन' और 'संभावनाओं के विज्ञान' के रूप में अधिक हो रहा है। यह व्यक्ति को उसके "कर्म" और "समय" के बीच संतुलन बिठाने में मदद करता है। अब केवल विवाह के लिए कुंडली मिलान नहीं होता, बल्कि लोग पार्टनर के साथ अपने वैचारिक मतभेदों को सुलझाने के लिए भी ज्योतिष का उपयोग करते हैं। दो लोगों के ग्रहों के बीच ऊर्जा के मिलान को समझकर आपसी संवाद को बेहतर बनाया जाता है।
प्रोफेसर मदन मोहन झा ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में ज्योतिष का प्रयोग केवल भविष्यवाणियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह आत्म-बोध, मानसिक शांति और जीवन प्रबंधन के एक सशक्त टूल के रूप में उभरा है। आधुनिक जीवन की अनिश्चितता और तनाव के बीच, लोग इसे एक "कॉस्मिक ब्लूप्रिंट" की तरह उपयोग कर रहे हैं।
इस दौरान पं. कमलेश शर्मा, रजनी शर्मा, विजय महाजन माणक व्यास, चेतन शर्मा, दिलीप पारीक, सिद्धार्थ लाटा, रवि शर्मा, कन्हैया, नलिन जोशी, गणेश, मधुसूदन, रवि पारीक, परमानन्द शर्मा, मुनीन्द्र सहित इसमें भारतवर्ष के 100 से अधिक ज्योतिषाचार्य व शिक्षाविद् सम्मिलित हुए। 

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