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मंत्री ने सालासर की एसबीआई बैंक पर लगाये 9 करोड़ गबन करने का आरोप लगाया।

सालासर (राजस्थानलिंक.काॅम) - कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़ी घोटाला पकड़ने का दावा करके सालासर पंहुचे। मंत्री अचानक सालासर की एसबीआई बैंक की ब्रांच में तीन बजे पहुंचे। जहां उन्होंने अचानक बैंक मैनेजर से बात करते हुए फसल बीमा की लिस्टें मांगी। मंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मेरे पास फसल बीमा योजना पोर्टल का कागज है इसमे एक किसान आकाश ओझा है उसके पिता का नाम भी आकाश ओझा है। ऐसे ही अनिल सास्वत है उसके पिता का नाम भी अनिल सास्वत है। इस ढंग से बहुत सारे लोगो के नाम मे पिता और किसान दोनो का नाम एक ही है। और मेरे पास एक ओर कागज है उसमे आकाश ओझा जिसका रिकाॅर्ड सालासर मे बताया गया है। इसकी जमीन गजनेर के ग्राम 11एनबीएम, खसरा नम्बर 256 पर है। इस तरह से गजनेर मे 71 लोगो सालासर की ब्रांच से फसल बीमा योजना के तहत 15 लाख रूपये का प्रीमियम कट गया है जिसका इनको 9 करोड़ रूपये मिलने वाले थे। जिसके बारे मे हमने गजनेर के तहसीलदार से जानकरी ली तो उन्होने कहां कि इस नाम पर कोई किसान नही हैं इन खसरा नम्बरो पर इस नाम से लोगो की जमीन नही है। मंत्री ने कहा कि 15 लाख रूपये का प्रीमियम कटने के बाद 9 करोड़ रूपये बटने वाला था और यह 9 करोड़ रूपये बीमा माफिया, प्राईवेट बैंक व सरकारी बैंक इनमे शामिल हो सकते थे।


केसीसी के बारे मे बताते हुए मंत्री ने कहा कि पूरे राज्य मे 67.25 लाख है जिनमे से सरकारी बैंको मे केसीसी धारको की संख्या 21.52 लाख है। राज्य मे एसबीआई बैंक मे केसीसी धारको की संख्या 7.28 लाख है। इनमे से सालासर बैंक की 71 केसीसी धारको की लिस्ट है। राज्य मे एसबीआई व अन्य प्राइवेट बैंक का 15 हजार किसानो का फर्जी वाड़ा प्रतीत हो रहा है। इस फर्जी वाड़े मे 15 हजार किसानो को 1150 करोड़ रूपये की हेरा फेरी का गबन है। जिसमे कुछ तो लोगो के जेब मे चला गया है और कुछ जाने वाला था। सालासर की ब्रांच से गजनेर मे 71 लोगो के नाम से एक किसान के नाम 12 लाख रूपये का गबन किया जा रहा था। इस पूरे मामले मे एग्रीकल्चर इंसोरेंश कम्पनी (एआईसी), बीमा माफिया, फर्जी बिमा कम्पनी सहित अनेक लोग शामिल हो सकते है। ये लोग किसानो को ठगते है और किसानो को चूना लगाते है। जिससे सरकार को भी चूना लगा रहे है।
मंत्री ने कहा कि सालासर की ब्रंाच मैनेजर से मैने इन 71 लोगो के नाम से बीमा बनाये है उनके कागज हमे दिखाए जैसे जमाबंदी, आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज दिखाये । अगर बैंक इन किसानो के कागज हमे नही दे रहे है तो हमे लगता है कि यह ब्रांच की इस गठबंधन मे शामिल है। इन कागजो के बारे मे जानकारी लेने के लिए मंत्री करीब दो घंटे तक बैंक मे बैठे रहे। समाचार लिखे जाने तक मंत्री को एसबीआई मैनेजर ने कोई कागज नही दिये तो मंत्री ने कहा कि इन कागजो के बारे मे मैनेजर ने कोई संतोष जनक जवाब नही दिया।
इस गबन के मामले मे एसबीआई मैनेजर उमेश कुमार सास्वत ने कोई संतोष जनक जवाब नही दिया।  

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