सालासर (राजस्थानलिंक.काॅम) - गांव गुडावड़ी के श्याम बाबा मंदिर मे चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा का रविवार को समापन हुआ। कथावाचक मंहत दिनेशगिरि महाराज ने हनुमान जी महाराज के द्वारा लंका दहन करने का प्रसंग सुनाया।
कथावाचक ने बताया कि हनुमान जी महाराज माता सीता की खोज में लंका गए और वहां माता को मुद्रिका की निशानी देकर प्रभु का संदेश सुनाया और लंका दहन कर वापिस आए। लंका मे विभिषण और हनुमान जी महाराज का वाद सवांद हुआ। महाराज ने बताया कि सेतु का निर्माण कर लंका पर चढ़ाई करके रावण के पापाचार का अंत कर के धर्म की स्थापना की ।
भगवान राम ने कैसे एक आज्ञाकारी पुत्र, आदर्श पति, प्रतिभाशाली भाई व एक कर्मठ राजा की तरह अपने कर्तव्यों का बखूबी पालन किया। साथ ही माता सीता के चरित्र का भी बहुत ही सहज भाव से वर्णन किया।
महाराज ने बताया कि मन के भावों को प्रकट करने के लिए गौ माता की सेवा करनी चाहिए। मन की इच्छा व आत्मा की शांति के लिए परिवार के सदस्यो के साथ मिलकर प्रभु का कीर्तिन करना चाहिए। संतो की दान दक्षिणा सत्संग की प्रार्थना का संकल्प होता है। अपने कर्तव्यो का पालन करने के लिए मनुष्य को कभी कमजोर नही समझना चाहिए। कोई भी व्यक्ति के मन मे अहंकार का रूप विराजित हो तो उसका नष्ट होना आवश्यक है। राम और राज का डर निकलने के कारण पाप होता है।
कथा के दौरान श्रोताओ ने नृत्य कर श्रीराम कथा का आनन्द लिया।
श्याम मंदिर पुजारी परिवार द्वारा महंत दिनेश गिरी महाराज को शाॅल व दुपट्टा औढाकर सम्मानित किया। कथा मे आयोजन समिति के सियाराम स्वामी, श्याम मंदिर पुजारी पिन्टू स्वामी, सतगुरु पुजारी बालूराम राव, कुम्भाराम ढुकिया, भंवर सिंह, राधेश्याम शर्मा, कमल अग्रवाल, रमेश तोदी, सत्यनारायण, गोमाराम स्वामी, भींवराज महरिया, जितेन्द्र स्वामी, जगदीश स्वामी, सोहनलाल स्वामी सहित सैकड़ो श्रोता उपस्थित रहे।