सालासर (राजस्थानलिंक.काॅम) - कस्बे मे चमेली देवी सभागार मे शुक्रवार को दो दिवसीय राजस्थान शिक्षा परिषद प्रधानाचार्य रेसा पी का 11वां प्रांतीय सम्मेलन व अधिवेशन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष पंकज गुप्ता, माध्यमिक शिक्षा बिकानेर निदेशक सीताराम जाट, रेसा पी प्रदेशाध्यक्ष बी.के. गुप्ता, रेसला पूर्व प्रदेशाध्यक्ष मोहन सिहाग, रतनगढ पूर्व विधायक अभिनेष महर्षी, हनुमान सेवा समिति अध्यक्ष सत्यप्रकाश पुजारी, भंवरलाल सामोता, रेसा पी चूरू जिलाध्यक्ष रामकुमार खीचड़, रेसा पी पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डायालाल पाटेदार, रेसा पी मुख्य संरक्षक प्रमोद मिश्रा, रेसा पी संरक्षक राजूराम चैधरी, रेसा पी प्रांतीय महामंत्री दिनेश मीणा, रेसा वीपी पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भंवरलाल गुर्जर, सतीश गुप्ता, राजेन्द्र बंसल, रतनलाल मीणा, गिरधारी गोदारा, मुकेश सामोता, मनोहर सिंह शेखावत सहित अनेक लोग मंचस्थ रहे। मुख्य अतिथियो ने माँ सरस्वती का दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। सम्मेलन के दौरान मुख्य अतिथियो ने शिक्षा विभागीय उत्सव, जयंति व मंच संचालन के नाम की पुस्तक का विमोचन किया। सम्मेलन के दौरान कई वक्ताओ ने सम्बोधन किया।

रेसा पी प्रदेशाध्यक्ष बी.के. गुप्ता ने सम्बोधन मे कहा कि पाप, ताप और कल्पवृक्ष का नाश करने वाला ज्ञान देने का काम गुरू करते है। वसुन्धरा की सरकार मे एक साथ पांच हजार प्रधानाचार्य बनाये गये थे। गुरू हमेशा बच्चो को संस्कारवान व चरित्रवान बनाता है। और हमारा मुख्य काम शिक्षा व्यवस्था को सुरक्षित करना होता है।
भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष पंकज गुप्ता ने सम्बोधन मे कहा कि शिक्षा से एक शक्ति का निर्माण होता है। 21वीं सदी को इंटरनेट की सदी कहा गया है। शिक्षक का मुख्य कार्य बच्चो के अध्ययन का सर्वांगीण विकास कैसे किया जाये उस पर अच्छे से कार्य करें। इस सम्मेलन के माध्यम से हम हमारी सभी समस्याओ को लेकर चर्चा करेगे और उनका समाधान करवायेगे।
प्रमोद मिश्रा ने अपने सम्बोधन मे कहा कि राजस्थान की शिक्षा के साथ साथ हम संस्कार के माध्यम से बच्चो को देश विदेश मे नाम रोशन करने के लिए तैयार करते है। 02 जनवरी 2016 को राजस्थान शिक्षा परिषद प्रधानाचार्य रेसा पी संगठन को बनाया गया था। अब हम 2026 मे राजस्थान शिक्षा सिस्टम को नये आयाम के साथ तैयार करेगें। सम्मेलन मे डीपीसी को लेकर चर्चा की गई ।
निदेशक सीताराम जाट ने सम्बोधन मे कहा कि हम ऐसा मंदिर चलाते है जहां से एक सुदृढ नागरिक बनकर निकलता है। शिक्षक का दिया हुआ ज्ञान से ही बच्चा एक सुदृढ नागरिक बन सकता है। शिक्षक शिक्षा के माध्यम से एक अमूल परिवर्तन कर सकते हैं। हमसब मिलकर शिक्षा की गुणवता मे सुधार करेगें। वर्तमान समय मे बदलते समय के साथ शिक्षा की नीति को बदलना आवश्यक है। सबसे पहले शिक्षक हमेशा बच्चे की टेलेन्टता को पहचान कर उसी के अनुरूप उसे तैयार करता है। डीपीसी के बारे मे बताते हुए कहा कि हम 31 मार्च 2026 तक यह कार्य पूर्ण करवा देगें सकारात्मक सोच से ही हर कार्य करना आसान होता है।

सतीष गुप्ता ने कहा कि शिक्षक अपने दायित्व को ध्यान मे रखते हुए पूर्ण कार्य करें सरकार की नीतियो को समाज तक पंहुचाने का कार्य शिक्षक करता है। हम सब सरकार के अंग है। पिछले कई वर्षो से परीक्षा परिणाम अच्छा रहा है। हमारे अच्छे काम की चर्चा हमेश समाज मे होती रहती है। जिससे नव राष्ट्र का विकास होता है।
रतनगढ पूर्व विधायक अभिनेष महर्षी ने कहा कि इस सम्मेलन के द्वारा शिक्षको के दायित्व व राष्ट्र निमार्ण को लेकर चर्चा की गई है। सरकार को शिक्षको को पढाई के अलावा अन्य दूसरे कार्यो मे नही लगाना चाहिए। वर्तमान समय मे शिक्षक सरकार के कागजी ककार्य मे उलझे रहते है जिससे उनको पढाने का समय नही मिल पाता। डाॅक्टर भगवान का रूप होता है उसी प्रकार शिक्षक राष्ट्र निर्माण का निर्माता होता है। वर्तमान समय मे हमारा देश आर्थिक शक्ति मे तीसरे नम्बर पर है। राजस्थान की भाजपा सरकार देश की सरकार मे यशस्वी के रूप मे है। समाज को हमेशा शिक्षक को सम्मान देना चाहिए।