दूधिया रोशनी व फूलो के श्रृंगार से झगमगाया सालासर बालाजी मंदिर

सालासर (राजस्थानलिंक.काॅम) - विश्वविख्यात धार्मिक नगरी सालार धाम के सालासर बालाजी मंदिर का 272वां स्थापना दिवस श्रद्धा व भक्ति से साथ मनाया गया। सालासर धाम मे इस दिन को एक महोत्सव के रूप मे मनाया जाता है। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक रूप देने के लिए लाईट व फूलो से सजाया गया है। संवत 1811 सन् 1754 मे श्रावण शुक्ल नवमी शनिवार को दिन बालाजी की मूर्ति नागाौर जिले के आसोटा मे प्रकट हुई थी। इसी मान्यता के चलते प्रत्येक वर्ष इसी तिथि को सालासर बालाजी मंदिर स्थापना दिवस मनाया जाता है। स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष आरती व विशेष भोग लगाया जाता है। मंदिर कमेटी व पुजारी परिवार की ओर से पूरे मंदिर परिसर मे झगमगया जाता है।


हनुमान सेवा समिति पूर्व अध्यक्ष यशोदानन्दन पुजारी ने बताया कि स्थापना दिवस पर बालाजी को ब्रह्मपुरी भोग का भोग लगाया गया। वहीं विभिन्न प्रकार फूलों से मंदिर को सजाया गया। बालाजी को चूरमा, खीर का भोग लगाकर नया चोला पहनाया गया। इंदौर से आए कारीगरों ने पूरे मंदिर परिसर को दूधिया रोशनी से विशेष सजावट कर जगमग किया। जयपुर के कारीगरो ने बालाजी मंदिर व पूरे परिसर फूलो से सजाया। फूलो की सूगन्ध से पूरा मंदिर परिसर महक रहा था। शुक्रवार को स्थापना दिवस पर सुबह से शाम तक हजारो श्रद्धालुओं ने बालाजी महाराज के दर्शन किए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मनौती का नारियल भी बांधा। 

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